पटना, 25 जुलाई। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को आयोजित बिहार बंद के दौरान राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा। बंद को महागठबंधन के विभिन्न दलों का भी समर्थन मिलने से राजधानी पटना समेत कई जिलों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पटना में अर्धसैनिक बलों की 14 कंपनियां तैनात की गईं, जबकि पूरे राज्य में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया।
पटना के डाकबंगला चौराहा, गांधी मैदान, जेपी गोलंबर, अशोक राजपथ, सचिवालय और अन्य संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस, दंडाधिकारियों तथा रैपिड एक्शन टीम की तैनाती की गई। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच की गई और लगातार गश्त जारी रही।
बंद के कारण कई स्थानों पर सड़क यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न इलाकों में मार्च और विरोध प्रदर्शन किए, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा शांति बनाए रखने की अपील की।
यह बंद हाल के छात्र आंदोलनों, परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर बुलाया गया है। इससे पहले पटना में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और झड़पों की घटनाओं के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। इसी को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी रखी गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह से कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है।

