रामगढ़, 27 अगस्त: भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, माय भारत तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में रामगढ़ महाविद्यालय में खेलो इंडिया संवाद एवं युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेल, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों, आमंत्रितों और प्रतिभागियों ने मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की। वर्चुअल संवाद से पहले माय भारत रामगढ़ के युवा कार्यकर्ता नितेश कुमार मोदी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और माय भारत से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां युवाओं के साथ साझा कीं। इस दौरान खेल के क्षेत्र में हो रहे विकास, प्रधानमंत्री के विजन के तहत खेलों को मिल रहे प्रोत्साहन तथा आगामी ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन हुआ। इसके बाद युवा संवाद आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं को अपने विचार, अनुभव, दृष्टिकोण और आकांक्षाएं साझा करने का अवसर मिला। इन विचारों को आगे की कार्यवाही के लिए संकलित किया गया।
रामगढ़ की युवा खिलाड़ी राजनंदिनी कुमारी ने राष्ट्रीय पैरालिंपिक्स प्रतियोगिता में लॉन्ग जंप में तृतीय तथा जेवलिन थ्रो में द्वितीय स्थान हासिल करने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में खेल अवसंरचना में हुए बदलावों पर भी चर्चा की। धावक मोनू कुमार ने खेल के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और आगे बढ़ने के विकल्पों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में शाहीन खान ने खेल के महत्व पर कविता पाठ किया। साथ ही युवाओं को ‘विकसित भारत—नशा मुक्त’ संकल्प की शपथ दिलाई गई। राष्ट्रीय व्यक्तित्वों के सम्मान के तहत खेल प्रशिक्षक सिकंदर पाण्डेय समेत खिलाड़ियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में रामगढ़ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बिमल मिश्र, रामगढ़ जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष कुमार, माय भारत हजारीबाग के प्रोग्राम ऑफिसर उमेश कुमार, डॉ. राहुल कुमार, डॉ. राजेश उपाध्याय, डॉ. रामाज्ञा, मोहित जैन, साजिद हुसैन समेत अन्य उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि वे केवल खेल और सामाजिक गतिविधियों के दर्शक न रहें, बल्कि अपनी प्रतिभा, विचार और सक्रिय सहभागिता के जरिए राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें।

