रामगढ़/नई दिल्ली, 22 जुलाई: राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (पूर्व में एनएच-33) पर स्थित चुटूपालू एवं चरही घाटी के दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) स्थलों के स्थायी सुधार का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर दोनों घाटियों में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि उनके प्रयास से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के रांची क्षेत्रीय कार्यालय ने चुटूपालू घाटी (चेनज 92+885 से 97+920) तथा चरही घाटी (चेनज 51+540 से 52+500) के लिए विस्तृत तकनीकी प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। उन्होंने इन प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया।
मनीष जायसवाल ने कहा कि चुटूपालू और चरही घाटी झारखंड के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल हैं, जहां प्रतिदिन हजारों यात्री, मालवाहक और खनिज परिवहन से जुड़े भारी वाहन गुजरते हैं। तीखे मोड़, ढाल, घना कोहरा, बारिश के दौरान कम दृश्यता तथा आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं के अभाव के कारण यहां आए दिन गंभीर सड़क हादसे होते हैं।
उन्होंने सड़क का ज्यामितीय सुधार, खतरनाक मोड़ों को सुरक्षित बनाने, स्ट्रीट लाइट, क्रैश बैरियर, रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग, चेतावनी संकेतक और स्पीड कंट्रोल जैसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं विकसित करने की मांग की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया कि प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देकर टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाएगी, ताकि सड़क सुरक्षा संबंधी कार्य जल्द शुरू हो सकें। सांसद ने विश्वास जताया कि इन सुधार कार्यों से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लाखों यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।

