रांची, 07 अक्टूबर: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़े मामलों की जांच को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है और प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच का दायरा सीमित किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच कराने की मांग की।
रघुवर दास ने कहा कि जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते और उनके पीए के खिलाफ सीआईडी जांच चल रही है तथा पूछताछ की जा रही है। वहीं, आयोग की तत्कालीन सदस्य अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा के पीए पर इंटरव्यू मैनेज करने के नाम पर कथित रूप से 15 लाख रुपये तक लेने की बात सामने आने के बावजूद संबंधित सदस्यों से पूछताछ नहीं किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा के दौरान उक्त सदस्य आयोग में रहे हैं। ऐसे में उनके बयान के बिना जांच को पूर्ण कैसे माना जा सकता है। उन्होंने तत्कालीन अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा और सदस्यों के बीच विवाद का भी उल्लेख किया और कहा कि इसी कारण 11वीं से 13वीं जेपीएससी मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी नहीं हो सका था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 17 अगस्त 2026 को जेपीएससी-जेएसएससी में अनियमितताओं एवं कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कही थी, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा सुधार के लिए व्यापक अध्ययन हेतु समिति गठित करने की भी घोषणा की थी, जिसे दो महीने में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन अभी तक समिति की एक भी बैठक नहीं हुई है।
रघुवर दास ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं परीक्षा में 40वीं रैंक प्राप्त करने वाले रवि कुमार सहित कुछ अभ्यर्थियों को लेकर सामने आए आरोपों की भी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों के अनुसार रवि कुमार के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हरियाणा में एफआईआर दर्ज होने तथा सॉल्वर गैंग से जुड़े होने के आरोप हैं। उन्होंने हरियाणा के विक्की के 37वीं रैंक प्राप्त करने और रवि कुमार, दिनेश प्रजापति व विक्की के कथित संबंधों की भी जांच की मांग की।
उन्होंने 14वीं जेपीएससी परीक्षा में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 418 विद्यार्थियों के सफल होने संबंधी मीडिया रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए।
रघुवर दास ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मामलों में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। इसलिए दोषियों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की सीबीआई जांच कराकर वास्तविक दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो।

