पटना, 15 जून:बिहार में दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। प्रिंस यादव का शव नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल के कमरे से बरामद किया गया, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रिंस यादव का नाम हाल ही में पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज (खान सर) के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और तोड़फोड़ मामले में सामने आया था। वहीं ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद इस मामले में जेल में बंद हैं।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने प्रिंस यादव की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने खान सर पर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। हालांकि अब तक पुलिस या जांच एजेंसियों की ओर से किसी भी व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
दूसरी ओर, चर्चित शिक्षक फैजल खान (खान सर) ने भी प्रिंस यादव की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने घटना को संदेहास्पद बताते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।
इधर विपक्षी नेताओं ने भी मामले को गंभीर बताते हुए जांच एजेंसियों से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। प्रिंस यादव की मौत, रौशन आनंद की गिरफ्तारी और कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ते टकराव ने बिहार की शिक्षा और राजनीति दोनों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
फिलहाल नेपाल और बिहार पुलिस की जांच जारी है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

