रामगढ़, 04 अगस्त: झारखंड में कथित परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर मंगलवार को रामगढ़ के सुभाष चौक स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के समक्ष युवाओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने, कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका दावा था कि राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में बड़ी संख्या में छात्र अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलनरत हैं।
युवा सामाजिक कार्यकर्ता शशिशेखर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर नेमरा में मौजूद हैं। ऐसे समय में राज्य सरकार को छात्रों की आवाज सुनते हुए JPSC परीक्षा की CBI जांच की अनुशंसा करनी चाहिए तथा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
छात्र नेता नितेश कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री से छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। वहीं तरुण साव और संजय अग्रवाल ने कहा कि राज्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित हों, पेपर लीक एवं अन्य कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोर दंड दिया जाए तथा अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से झारखंड के छात्रों की आवाज सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आगे भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।

