अयोध्या/नई दिल्ली, 05 जुलाई: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित दान गबन और चोरी मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच अभी जारी है।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने दावा किया कि कथित गबन मामले के आरोपियों में शामिल रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले से जुड़े तथ्यों का खुलासा होगा और यह भी सामने आएगा कि कथित चोरी की घटनाओं के पीछे कौन लोग थे। यह दावा फिलहाल बीजेपी का राजनीतिक आरोप है, जिसकी जांच एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है।
उधर, कथित दान गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। जांच के तहत बैंक खातों, मोबाइल चैट, संपत्तियों और ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पिछले पांच वर्षों के खातों के पुनः ऑडिट का भी निर्णय लिया गया है।
इस बीच, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी पुलिस से उन विपक्षी नेताओं से पूछताछ करने की मांग की है जिन्होंने सार्वजनिक रूप से मामले में आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी के पास ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी की जांच जारी है। अब तक किसी भी राजनीतिक दल या नेता की भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं और अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

