अमरोहा/रामगढ़: 10 जून: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के नौगावां गांव के रहने वाले दो भारतीय भाइयों को सऊदी अरब में हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि दोनों भाइयों ने ईरान की सहायता के लिए धनराशि भेजी थी, जिसके बाद सऊदी सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब उनके बुजुर्ग माता-पिता भारत सरकार से हस्तक्षेप कर बेटों की रिहाई सुनिश्चित कराने की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मोहम्मद जफर और उनके छोटे भाई मोहम्मद राहिब सऊदी अरब के दम्माम शहर में नौकरी करते थे। परिवार का कहना है कि ईरान में चल रहे संघर्ष के दौरान दोनों भाइयों ने अपनी बचत से 200 रियाल ईरानी दूतावास के बैंक खाते में भेजे थे। इसके बाद 27 मार्च 2026 को राहिब और 30 मार्च 2026 को जफर को सऊदी सुरक्षा अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया। तब से उनके परिजनों को दोनों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
दोनों भाइयों के पिता हसन अब्बास, जो गंभीर रूप से बीमार और लकवाग्रस्त बताए जाते हैं, ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मदद की अपील की है। परिवार का कहना है कि दोनों बेटे ही घर के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनके हिरासत में जाने के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास के कम्युनिटी वेलफेयर विंग ने परिवार को ई-मेल के माध्यम से जानकारी दी है कि मोहम्मद राहिब हसन और मोहम्मद जफर हसन को “सुरक्षा संबंधी मामले” में हिरासत में लिया गया है। दूतावास ने सऊदी विदेश मंत्रालय से विस्तृत जानकारी मांगी है और मामले की निगरानी कर रहा है।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा संबंधी संवेदनशील परिस्थितियों के बीच सऊदी अरब विदेशी वित्तीय लेन-देन और सुरक्षा मामलों को लेकर कड़े नियम लागू करता है। हालांकि दोनों भाइयों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर सऊदी अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

