हजारीबाग, 28 अप्रैल 2026: झारखंड के स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के समर्थकों ने मंगलवार को हजारीबाग में News18 झारखंड के संवाददाता सुशांत सोनी की निर्मम पिटाई कर दी। घटना मंत्री की मौजूदगी में हुई, जिसमें पत्रकार को गंभीर चोटें आईं। घायल पत्रकार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना की जानकारी के अनुसार, सुशांत सोनी ने मंत्री इरफान अंसारी से चतरा में हुए एयर एंबुलेंस हादसे के पीड़ित परिवारों को अब तक मुआवजा न मिलने और दोषी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई न होने का सवाल पूछा। इस सवाल से नाराज होकर मंत्री के लगभग एक दर्जन समर्थकों ने पत्रकार पर हमला बोल दिया और उन्हें जमकर पीटा।
बाबूलाल मरांडी ने घटना की तीखी निंदा करते हुए कहा, “लोकतंत्र में सवाल पूछना पत्रकारों का मौलिक अधिकार है। इरफान अंसारी जैसे लोग खुद को लोकतंत्र से ऊपर समझने लगे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपने मंत्री को सलाह देनी चाहिए। पुलिस को तुरंत मामले में FIR दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए।”
घटना स्थल पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन हमलावरों को तत्काल रोका नहीं गया। अब तक किसी भी हमलावर की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पत्रकारों और मीडिया संगठनों में इस घटना से गुस्सा फैला हुआ है। कई लोगों ने इसे मीडिया स्वतंत्रता पर हमला बताया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें हमले के दृश्य साफ दिख रहे हैं।
विपक्ष ने इस घटना को झारखंड सरकार में बढ़ते असहिष्णुता का उदाहरण बताया है। उन्होंने मांग की है कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी इस मामले पर स्पष्टीकरण दें और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
पुलिस ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सदर अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सुशांत सोनी को चोटों का इलाज दिया जा रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है कि क्या जनप्रतिनिधि और उनके समर्थक पत्रकारों के सवालों को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं? लोकतंत्र में जवाबदेही और मीडिया की स्वतंत्रता दोनों ही अहम हैं।

