मुरादाबाद, 16 जून: समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद जावेद अली खान के एक बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। मुरादाबाद दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने मुस्लिम कार्यकर्ताओं से कम से कम चार हिंदू मित्र बनाने की अपील की और कहा कि केवल मुस्लिमों के एकजुट होने से भाजपा को राजनीतिक रूप से चुनौती नहीं दी जा सकती।
जावेद अली खान ने कहा कि मुस्लिम कार्यकर्ताओं को ऐसे हिंदू मित्र बनाने चाहिए जिनकी बात और सोच पर समाज के अन्य लोग भरोसा करते हों। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास और संवाद बढ़ेगा, तभी भाजपा की राजनीति का प्रभाव कम किया जा सकेगा। उनके अनुसार, यदि प्रत्येक मुस्लिम कार्यकर्ता चार ऐसे हिंदू मित्र बना ले, जो उन पर विश्वास करते हों और उनकी बात को सही मानते हों, तो प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है।
सपा सांसद ने अपने संबोधन में भाजपा पर सामाजिक विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा फैलाए गए “जहर” का असर देश के बहुसंख्यक समाज पर पड़ा है और इसे आपसी भाईचारे एवं संवाद के माध्यम से ही समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के सभी वर्गों के बीच संपर्क बढ़ाने और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने का आह्वान किया।
जावेद अली खान के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं ने इसे वोट बैंक की राजनीति से जोड़ते हुए आलोचना की है, जबकि समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि सांसद का आशय विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास और सामाजिक समरसता बढ़ाने से था।
बयान सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

