रामगढ़, 10 अप्रैल: झारखंड इस्पात स्पंज फैक्ट्री हेसला, रामगढ़ में रविवार को बॉयलर फटने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायल तीसरे मजदूर बृजलाल बेड़िया का अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। इस हादसे में कुल तीन मजदूरों की जान चली गई।
ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ट्रेड यूनियन के रामगढ़ जिला उपाध्यक्ष तथा ऑल इंडिया झारखंड रैयत विस्थापित प्रभावित मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। मजदूरों को जबरन 12 घंटे काम कराया जाता है और सेफ्टी प्रोटोकॉल का पूरी तरह उल्लंघन किया जाता है।
डॉ. आशीष कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर झारखंड के श्रम, नियोजन एवं कौशल विकास मंत्री संजय यादव से मांग की है कि झारखंड इस्पात स्पंज फैक्ट्री तथा छिन्नमस्ती स्पंज फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर हो रहे मजदूर शोषण पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के अंदर एंबुलेंस की सुविधा तक नहीं है, प्रदूषण नियंत्रण यंत्र नहीं लगाए गए हैं, जिससे पूरा इलाका प्रदूषण की चपेट में है। ग्रामीणों की सेहत बिगड़ रही है, खेती-बाड़ी बर्बाद हो रही है और खेत बंजर हो रहे हैं।
ट्रेड यूनियन नेता ने कहा कि कंपनी मालिक केवल मुनाफा कमाने के चक्कर में मजदूरों और ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। मजदूरों को न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जाता। उन्होंने मांग की कि इस हादसे में कंपनी मालिक पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाए और न्यायिक जांच कराई जाए।
डॉ. आशीष कुमार ने श्रम मंत्री संजय यादव द्वारा मृतकों के परिवारों को 21 लाख रुपये मुआवजा देने का स्वागत किया, लेकिन इसे अपर्याप्त बताते हुए अपील की कि बृजलाल बेड़िया के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, आश्रितों को सरकारी नौकरी, आवास और पत्नी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाए। साथ ही मृतकों के अन्य आश्रितों को भी नौकरी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं की गई, प्रदूषण पर रोक नहीं लगाई गई और मजदूरों के शोषण पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ट्रेड यूनियन रामगढ़ जिला कमेटी कंपनी मालिक के खिलाफ उग्र आंदोलन छेड़ देगी।
मुख्य मांगें:
• कंपनी मालिक पर कानूनी कार्रवाई एवं 302 का मुकदमा
• फैक्ट्री में पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना
• प्रदूषण नियंत्रण यंत्र लगाना
• मजदूरों को न्यूनतम वेतन एवं उचित काम के घंटे
• मृतकों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा, नौकरी एवं पेंशन
यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें मजदूर संगठन फैक्ट्री मालिकों की लापरवाही को लेकर सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

