रांची, 12 मार्च 2026: झारखंड की आदिवासी नेता निशा भगत ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर जोरदार हमला बोला है। मामला रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने पर लगाई गई रोक से जुड़ा है, जिसे लेकर निशा भगत ने मंत्री पर तीखा प्रहार किया।
निशा भगत ने कहा कि यदि त्योहारों जैसे रामनवमी या सरहुल में डीजे बंद करने का नियम लागू किया जा रहा है, तो पहले अजान को बंद किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नियम केवल हिंदू और आदिवासी त्योहारों पर लागू होता है, जबकि अन्य ध्वनियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। निशा भगत ने अपने बयान में कहा, “रात 10 बजे के बाद डीजे बंद करने से पहले अजान बंद कीजिए!” यह बयान सोशल मीडिया और विभिन्न वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह विवाद तब और गरमा गया जब मंत्री इरफान अंसारी ने प्रतिक्रिया में कहा कि डीजे बजाने के लिए सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट से आदेश लेकर ही बजाया जा सकता है। इससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। निशा भगत, जो आदिवासी अधिकारों और जमीन बचाने के मुद्दों पर सक्रिय रही हैं, ने इसे धार्मिक भेदभाव का मामला बताते हुए मंत्री पर “दोहरा मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया।
यह घटना झारखंड की राजनीति में आदिवासी-गैर-आदिवासी और धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़े मुद्दों को फिर से उजागर कर रही है। विभिन्न संगठनों और नेताओं ने इस पर प्रतिक्रिया दी है, जबकि सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने हैं।
पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह मामला आगे बढ़ सकता है।

