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बिहार में बांग्लादेशी जासूस की गिरफ्तारी से हड़कंप, राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल

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कटिहार से गिरफ्तारी, फर्जी दस्तावेजों और खुफिया सामग्री के साथ मिला संदिग्ध

पटना, 12 मई 2025-बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्य के सीमांचल क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक बांग्लादेशी जासूस को गिरफ्तार किया है। कटिहार जिले के एक गांव से पकड़े गए इस जासूस के पास से कई फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड, पासपोर्ट, और खुफिया सामग्री बरामद हुई है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम सवाल खड़े कर रही है।

गोपनीय ऑपरेशन और चौंकाने वाले खुलासे

गुप्त सूचना के आधार पर STF ने कई दिनों तक संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखी और उसके बाद विशेष ऑपरेशन के तहत उसे धर दबोचा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले कुछ वर्षों से फर्जी पहचान के सहारे भारत में रह रहा था और सैन्य तथा रणनीतिक जानकारी जुटाकर उसे विदेश भेज रहा था। आरोपी ने भारत में घुल-मिल जाने के लिए स्थानीय भाषा और संस्कृति को भी अपना लिया था।

डिजिटल सबूतों में खुफिया जानकारियाँ

पुलिस ने जब उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप की तलाशी ली, तो उसमें से सैन्य ठिकानों की तस्वीरें, संवेदनशील नक्शे और कुछ कोडेड संदेश बरामद हुए हैं। इन सूचनाओं के विश्लेषण के लिए खुफिया एजेंसियाँ सक्रिय हो चुकी हैं। पूछताछ में आरोपी ने भारत में फैले जासूसी नेटवर्क और अन्य संदिग्धों के नाम भी उजागर किए हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता

इस घटना ने एक बार फिर सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है। खासकर बिहार, जो नेपाल और बंगाल की सीमा के नजदीक स्थित है, लंबे समय से अवैध घुसपैठ का केंद्र बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमाओं की निगरानी में तकनीकी संसाधनों—जैसे ड्रोन, सर्विलांस टॉवर और बायोमेट्रिक स्कैनिंग—का प्रयोग बढ़ाया जाना चाहिए।

पूर्व की घटनाओं से मिलती-जुलती साजिश

इससे पहले भी देश में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मार्च 2025 में दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया था, जिसमें बांग्लादेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरियों में शामिल हो गए थे। वहीं, 2023 में कोलकाता में एक व्यक्ति को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

सरकार और प्रशासन की सक्रियता

गिरफ्तारी के बाद बिहार पुलिस ने इस मामले की जांच केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर शुरू कर दी है। गृह विभाग ने राज्य के सभी जिलों में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया है। केंद्र सरकार ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

जनता की सतर्कता भी ज़रूरी

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों को सतर्क रहने और प्रशासन का सहयोग करने की सलाह दी गई है।

यह गिरफ्तारी एक बार फिर इस सच्चाई को सामने लाती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सरकार या एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की भागीदारी भी अहम है। तकनीकी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, सीमाओं की प्रभावी निगरानी और फर्जी दस्तावेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से ही इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

By Rashtra Samarpan

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