मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग, रामगढ़ कॉलेज गेट से प्रखंड कार्यालय तक निकाला मार्च
रामगढ़, 16 अगस्त: झारखंड में रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और छात्र हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विद्यार्थियों एवं युवाओं ने रविवार शाम रामगढ़ कॉलेज गेट से रामगढ़ प्रखंड कार्यालय तक आक्रोशपूर्ण पैदल मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व शशि शेखर सिंह ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से रोजगार एवं नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग उठाई।
मार्च में JPSC, JSSC सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य में नियमित एवं समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर युवाओं में लगातार चिंता बनी हुई है। उनका आरोप है कि सरकारी नियुक्तियों में देरी के कारण बड़ी संख्या में युवा अपने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।
युवा कार्यकर्ता नितेश कुमार मोदी ने कहा कि पिछले छह वर्षों में पुलिस विभाग में आवश्यक रिक्तियों पर अपेक्षित नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की नियमित एवं पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि छह वर्षों में झारखंड में कोई नया मेडिकल कॉलेज नहीं खुलना भी चिंता का विषय है।
आंदोलन में शामिल युवाओं ने कहा कि झारखंड संघर्ष, स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई की धरती रही है। भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो जैसे वीरों के संघर्ष से प्रेरणा लेकर राज्य के युवा अपने भविष्य और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने के बजाय अपने राज्य में ही पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा, “हमें पलायन नहीं, अपने झारखंड में अवसर चाहिए। हमें अपने भविष्य के लिए आवाज उठानी होगी।” इस दौरान मुख्यमंत्री से जवाबदेही की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
मार्च में शशि शेखर सिंह, नितेश कुमार मोदी, तरुण साव, नीतीश कुमार, नेहा कुमारी, पंकज कुमार, बीरबल कुमार, यश महतो, अभय ओझा, रौनक राय समेत बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा उपस्थित रहे।

