नई दिल्ली, 14 जुलाई: तमिलनाडु सरकार को गो-हत्या से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य सरकार को बकरीद समेत किसी भी दिन पूरे तमिलनाडु में गाय और बछड़े के वध पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने तमिलनाडु सरकार की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और कहा कि प्रथम दृष्टया हाई कोर्ट के आदेश का अंतिम हिस्सा संशोधन योग्य प्रतीत होता है। इसके साथ ही अदालत ने हाई कोर्ट के निर्देश पर अंतरिम रोक लगा दी।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने दलील दी कि मद्रास हाई कोर्ट का आदेश तमिलनाडु पशु संरक्षण अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के विपरीत है। सरकार का कहना है कि राज्य के कानून के तहत सक्षम प्राधिकारी के प्रमाणपत्र के आधार पर 10 वर्ष से अधिक आयु की तथा काम या प्रजनन के लिए अनुपयुक्त गायों के वध की अनुमति दी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल मद्रास हाई कोर्ट द्वारा लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी नहीं रहेगा। मामले की अंतिम सुनवाई के बाद ही इस संबंध में अंतिम फैसला आएगा।

