गाजियाबाद, 2 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस की सख्ती एक बार फिर चर्चा में है, जब लोनी थाना क्षेत्र में एक्स-मुस्लिम यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी मोहम्मद जीशान को मुठभेड़ में मार गिराया गया। जीशान पर ₹1 लाख का इनाम था, और वह हमले के बाद फरार था।
घटना की शुरुआत 27 फरवरी को हुई, जब दो हमलावरों ने लोनी के अली गार्डन कॉलोनी में सलीम के ऑफिस में घुसकर चाकू से 14 बार वार किए। सलीम की गर्दन, पेट और अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं, और वे दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में क्रिटिकल कंडीशन में हैं। सलीम, जो खुद को एक्स-मुस्लिम बताते हैं, अपने यूट्यूब चैनल पर इस्लाम, मदरसों और धार्मिक मुद्दों पर विवादास्पद वीडियो पोस्ट करते हैं, जिससे उन्हें धमकियां मिल रही थीं। पुलिस जांच में धार्मिक रंजिश का ऐंगल उभर रहा है, जिसमें एक स्थानीय AIMIM नेता और बिल्डर का नाम FIR में शामिल है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर पर उकसावे के आरोप लगे हैं।
1 मार्च की रात निठौरा अंडरपास के पास चेकिंग के दौरान जीशान ने पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में वह ढेर हो गया। पुलिस ने इटली मेड पिस्टल, 14 कारतूस, पेपर कटर और बाइक बरामद की। दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
यह एनकाउंटर योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का उदाहरण है, लेकिन मानवाधिकार संगठनों ने जांच की मांग की है। दूसरा आरोपी फरार है, पुलिस की तलाश जारी। घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, जहां इसे इस्लामिक कट्टरवाद से जोड़ा जा रहा है।
खौफ का सफर खत्म –
थाना लोनी क्षेत्रान्तर्गत सलीम वास्तिक उर्फ़ वास्तविक पर जानलेवा हमला कारित करने वाले ₹01 लाख/- के पुरस्कार घोषित अपराधी को @ghaziabadpolice द्वारा पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया, जिसे उपचार के दौरान चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किया गया… pic.twitter.com/LKbIzTeo2l
— UP POLICE (@Uppolice) March 1, 2026

