पटना, 10 फरवरी 2026: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के कथित दुरुपयोग पर गहरा आक्रोश जताया है। पटना में जन शिकायत सुनवाई के दौरान एक पीड़ित युवक ने जमीन विवाद से जुड़े झूठे मामलों की आपबीती सुनाते हुए फूट-फूटकर रो पड़ा। इस भावुक क्षण में उपमुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद एसपी और डीएम को तीखी फटकार लगाई तथा सख्त निर्देश दिए।
युवक ने रोते हुए बताया कि जमीन विवाद में उसके खिलाफ दो बार झूठा एससी/एसटी एक्ट का केस दर्ज कराया गया। इस कारण उसके पिता को हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई, जबकि मां की ओपन हार्ट सर्जरी हुई। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य है। परिवार पर मारपीट, धमकियां और अभद्र टिप्पणियां की गईं। कोर्ट-कचहरी के चक्करों में पूरा परिवार तबाह हो गया। युवक ने कहा, “बहुत लाचार हूं… दो बार एससी/एसटी एक्ट लगाया गया, पिता जी की मौत हो गई, मां बीमार हैं।”
इस पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा आक्रोशित हो उठे। उन्होंने एसपी और डीएम को संबोधित करते हुए कहा कि एससी/एसटी एक्ट कमजोर वर्गों की सुरक्षा और न्याय के लिए बनाया गया है, न कि बदले की भावना से निर्दोषों को फंसाने के लिए। उन्होंने जोर देकर कहा, “ऐसा दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को सतर्क रहना होगा, गहन जांच करनी होगी और दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
घटना पटना में जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां जमीन विवाद से जुड़े कई मामले सामने आए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में युवक की भावुक अपील और उपमुख्यमंत्री की नाराजगी साफ दिख रही है।
एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग को लेकर बिहार में पहले से बहस जारी है, खासकर भूमि विवादों में। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एक्ट का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को और सख्ती बरतनी होगी, ताकि असली पीड़ितों को न्याय मिले और निर्दोष परिवार परेशान न हों।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

