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चपरासी से बना करोड़पति, कौन है हॉस्टल का मालिक मनीष? पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड में NEET छात्रा की मौत में यौन हिंसा की पुष्टि

| Rashtra Samarpan News

पटना, 19 जनवरी 2026: बिहार की राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा गायत्री कुमारी, निवासी जहानाबाद की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। 5 जनवरी को जहानाबाद से पटना पहुंची छात्रा 6 जनवरी को अपने कमरे में बेहोश मिली थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

प्रारंभ में पुलिस ने इसे नींद की गोलियों के ओवरडोज या आत्महत्या से जोड़ा, लेकिन 14 जनवरी को पीएमसीएच में हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी। रिपोर्ट में यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया गया, जिसमें शरीर पर नाखून के गहरे निशान, चोटें और निजी अंगों में घाव मिले। कुछ रिपोर्ट्स में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का संदेह जताया गया है। रिपोर्ट को सेकंड ओपिनियन के लिए AIIMS पटना भेजा गया है।

मामले की जांच की सुई हॉस्टल बिल्डिंग के मालिक मनीष कुमार रंजन उर्फ मनीष चंद्रवंशी पर टिकी है। मूल रूप से जहानाबाद के मखदुमपुर का रहने वाला मनीष 2020 में पटना आया था। एक निजी अस्पताल में चपरासी के रूप में 15 हजार रुपये मासिक वेतन से शुरुआत करने वाला वह महज 5 वर्षों में करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया। कोरोना काल में ऑक्सीजन सप्लाई बिजनेस को टर्निंग पॉइंट बताया जा रहा है। पुलिस विवादित जमीन, दो वोटर आईडी और पुराने हर्ष फायरिंग केस की भी जांच कर रही है। साक्ष्य छेड़छाड़ की आशंका में 15 जनवरी को मनीष को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर SIT गठित की गई है, जिसका नेतृत्व IG जितेंद्र राणा कर रहे हैं। हॉस्टल संचालक श्रवण अग्रवाल और उनकी पत्नी नीलम भी जांच के घेरे में हैं। हॉस्टल सील कर सभी छात्राएं घर लौट चुकी हैं। परिवार गैंगरेप-हत्या का आरोप लगा रहा है, जबकि प्रशांत किशोर, पप्पू यादव जैसे नेता CBI जांच की मांग कर रहे हैं।

यह मामला छात्राओं की सुरक्षा और सिस्टम की विफलता पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। जांच जारी है, जल्द बड़े खुलासे की उम्मीद।

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