Tue. Feb 10th, 2026

रामगढ़ में धूमधाम से मनाया गया आदिवासी हो समाज का प्राकृतिक पर्व मगे पोरोब, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सांसद प्रतिनिधि धनंजय कुमार पुटूस

IMG 20260202 WA0005 | Rashtra Samarpan News

रामगढ़, 02 फरवरी: आदिवासी हो समाज रामगढ़ की ओर से सांडी मैदान में प्राकृतिक पर्व मगे पोरोब हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप से मनाया गया। झारखंड के विभिन्न जिलों से आए हो समाज के लोगों ने मगे मिलन समारोह में भाग लिया और दमा-दुमंग की थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गांव के दिऊरी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस अवसर पर समाज के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से आदिवासी गौरव और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद प्रतिनिधि धनंजय कुमार पुटूस उपस्थित हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “आदिवासी बचेंगे तभी संसार बचेगा। आदिवासी समाज की संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है।”

आयोजन समिति के संयोजक राजेंद्र चाकी ने कहा कि रामगढ़ क्षेत्र में हो समाज की बड़ी आबादी है, इसलिए यहां अपनी भाषा और संस्कृति को सहेजने की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से हर वर्ष इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इस मौके पर विशिष्ट अतिथि शिवशंकर मिश्रा, सावित्री देवी, समाजसेवी संगठन की अध्यक्ष प्रीति जामुदा, उपाध्यक्ष राजेंद्र चाकी, सचिव चाँदनी हेमब्रम, कोषाध्यक्ष महेंद्र बोदरा,अमर बोदरा,अजय कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरा माहौल उत्सव और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा।

आदिवासी बचेंगे तो संसार बचेगा: धनंजय कुमार पुटूस

Related Post

एक नजर इधर भी

error: Content is protected !!