रांची, 12 अप्रैल 2026: विश्व हिंदू परिषद रांची महानगर के तत्वावधान में ग्रीन होरिजन परिसर में प्रबुद्ध जन विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित परिषद के केंद्रीय मंत्री एवं केंद्रीय विशेष संपर्क प्रमुख अंबरीष सिंह ने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा और उसके संवर्धन के लिए प्रत्येक व्यक्ति में ‘स्व’ का बोध अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अपने संबोधन में प्राचीन भारत की ऋषि परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म और समाज की रक्षा हेतु त्याग और समर्पण हमारी परंपरा का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज ने अपने मानबिंदुओं की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष किया और विपरीत परिस्थितियों में भी पराक्रम व बलिदान का परिचय दिया।
रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे सदियों के संघर्ष, बलिदान और आस्था का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह गौरवगाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। साथ ही चंद्रगुप्त मौर्य, छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप और गुरु गोविंद सिंह जैसे महान योद्धाओं के साहस और नेतृत्व को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इनके मार्गदर्शन में हिंदू समाज ने कई बार विदेशी आक्रांताओं का डटकर सामना किया।
उन्होंने रामायण, महाभारत और अन्य पौराणिक ग्रंथों को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि परिवारों में संस्कारों की रक्षा और समाज में समरसता का भाव विकसित करना समय की मांग है।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विषय की भूमिका रखी। प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने संचालन किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी ने किया।
इस अवसर पर स्वामी भूतेशानन्द जी महाराज, वीरेंद्र विमल, डॉ. वीरेंद्र साहू, आनंद पांडे, गंगा प्रसाद यादव, चितरंजन कुमार, सिद्धनाथ सिंह, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद श्री संजय सेठ, रेखा जैन सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

