पटना, 31 जनवरी: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत और यौन उत्पीड़न के मामले में बड़ा फैसला लिया गया है। बिहार सरकार ने इस चर्चित हत्याकांड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने का आग्रह भारत सरकार से किया है। इसकी आधिकारिक पुष्टि बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने की है।
सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने भारत सरकार से पटना में हुए नीट छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या- 14/26) को सीबीआई से जांच का आग्रह किया है। घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन निश्चित किया जाए।”
इस घटना में जहानाबाद जिले की 17-18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी जनवरी 2026 की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश मिली थीं। इलाज के दौरान 11 जनवरी को उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में गला घोंटकर हत्या और यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई। एफएसएल रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म के निशान मिले, जिससे मामला रेप-मर्डर में बदल गया।
शुरुआत में सुसाइड या स्लीपिंग पिल्स ओवरडोज बताया गया, लेकिन परिवार ने पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाया। एसआईटी गठित की गई, जिसमें 25-30 लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए। हॉस्टल मालिक सहित कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया, दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किया गया।
परिवार लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहा था। पटना में छात्राओं, विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने बड़े प्रदर्शन किए। परिजनों ने पुलिस पर दबाव बनाने और सबूत दबाने के आरोप लगाए।
यह फैसला परिवार की मांग, फॉरेंसिक सबूतों और व्यापक जन-आक्रोश के बाद आया है। सीबीआई जांच से मामले में निष्पक्षता और गहन जांच की उम्मीद जताई जा रही है। केंद्र सरकार से जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है।
यह मामला बिहार में छात्राओं की सुरक्षा, हॉस्टल व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

