केंद्रीय एजेंसी को बड़ी राहत, पुलिस रेड को ‘पूर्वनियोजित’ बताया
रांची, 16 जनवरी 2026: झारखंड हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के खिलाफ रांची पुलिस द्वारा दर्ज FIR और चल रही जांच पर तत्काल अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने ED की क्रिमिनल रिट याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
कोर्ट ने पुलिस की ED कार्यालय में छापेमारी को प्रथम दृष्टया पूर्वनियोजित करार दिया और कहा कि जांच के नाम पर केंद्रीय एजेंसी के कामकाज में बाधा नहीं डाली जा सकती। अदालत ने राज्य सरकार को 7 दिनों में जवाब दाखिल करने तथा शिकायतकर्ता संतोष कुमार को 10 दिनों में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया।
मामला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पूर्व कर्मचारी संतोष कुमार से जुड़ा है, जो 23 करोड़ के घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी हैं। संतोष ने 12 जनवरी को ED पूछताछ के दौरान मारपीट का आरोप लगाकर एयरपोर्ट थाने में FIR दर्ज कराई। इसके बाद 15 जनवरी को पुलिस टीम ED कार्यालय पहुंची और जांच शुरू की, जिसमें CCTV फुटेज जब्त किए गए।
ED ने इसे अपनी स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें FIR निरस्त करने, जांच रोकने और CBI जांच की मांग की गई। कोर्ट ने ED कार्यालय की सुरक्षा के लिए CRPF/BSF जैसी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का आदेश दिया तथा रांची SSP को सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी।
यह फैसला ED को बड़ी राहत देते हुए केंद्र-राज्य तनाव को उजागर करता है। विपक्ष ने इसे राज्य सरकार के लिए झटका बताया है।

