गोरखपुर/लखनऊ, 31 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले बिहार के विवादित मौलाना अब्दुल्ला सलीम कमर चतुर्वेदी कासमी उर्फ मौलाना अब्दुल्ला सलीम को यूपी स्पेशल टास्क फोर्स ने सोमवार को बिहार से गिरफ्तार कर लिया। STF की गोरखपुर यूनिट ने आरोपी को अररिया जिले के जोकीहाट से दबोचा और उसे गोरखपुर लाकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने बिहार में एक धार्मिक तकरीर के दौरान उत्तर प्रदेश के गौ-हत्या निषेध कानून की आलोचना करते हुए सीएम योगी की मां को लेकर अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में व्यापक आक्रोश फैल गया। हिंदू संगठनों, भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता ने कई जिलों में प्रदर्शन किए, पुतले फूंके और सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस मामले में यूपी के विभिन्न थानों जैसे बलरामपुर, लखनऊ, गोरखपुर समेत कई जगहों पर 83 से अधिक FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (जानबूझकर अपमान और सार्वजनिक शांति भंग करने वाली टिप्पणियों) के तहत मामला दर्ज किया है।
मौलाना अब्दुल्ला सलीम बिहार के अररिया जिले के जोकीहाट का निवासी है। वह दारुल उलूम देवबंद से शिक्षा प्राप्त कर चुका है और संस्कृत व्याकरण तथा वेदों की भी पढ़ाई का दावा करता है, जिसके कारण उसे ‘चतुर्वेदी’ उपाधि भी दी गई। पहले वह AIMIM से जुड़ा था, बाद में प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी से नाता जोड़ा गया और उसे स्टार प्रचारक के रूप में भी देखा गया।
गिरफ्तारी की खबर पर AIMIM के बिहार विधायक अख्तरुल ईमान ने इसे “किडनैपिंग जैसा” बताया और कहा कि STF उनके क्षेत्र से मौलाना को ले गई। हालांकि STF की कार्रवाई कई FIR के आधार पर हुई है।
यूपी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से एक्शन लिया। STF गोरखपुर में आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद अदालत में तय होगी।
यह घटना मां-बहन की इज्जत और सामाजिक मर्यादा को लेकर संवेदनशील मुद्दा बन गई है। कई संगठनों ने कहा कि किसी की मां को गाली देना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

