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बिहार के सारण में नाबालिग छात्रा के साथ दरिंदगी: गैंगरेप के बाद जिंदा कुएं में फेंककर हत्या, 1 गिरफ्तार, 4 फरार

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छपरा/सारण, 15 मार्च 2026: बिहार के सारण जिले (छपरा के निकट) के डेरनी थाना क्षेत्र अंतर्गत पट्टी शीतल गांव में एक 15-16 वर्षीय कक्षा 10 की नाबालिग छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी क्रूर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पांच स्थानीय युवकों ने बुधवार रात 11 मार्च 2026 उसे जबरन उठाकर पुराने घर/बाथरूम में ले जाकर गैंगरेप किया, विरोध पर बुरी तरह पीटा और फिर लगभग 10 मीटर तक घसीटते हुए पास के कुएं में जिंदा फेंक दिया। लड़की करीब 30 मिनट तक पानी में तड़पती रही, उसकी चीखें सुनकर मां-बहन मौके पर पहुंचीं, लेकिन आरोपी भाग निकले। अंततः डूबने और चोटों से उसकी मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि आरोपी गांव के ही थे और पहले भी लड़की को परेशान करते थे। एक आरोपी ने घटना के बाद व्हाट्सएप स्टेटस पर धमकी भरा मैसेज और भोजपुरी गाना डाला था। परिवार ने बताया कि यह सब उनकी आंखों के सामने हुआ और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।

छपरा में हुई घटना के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने कुएं से शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।

इस मामले में डेरनी थाना में POCSO एक्ट, गैंगरेप और हत्या की धाराओं के तहत कांड संख्या 96/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी युवराज कुमार (पिता- राजकिशोर मांझी) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल अन्य चार आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

बताया जा रहा है कि शुरुआत में पुलिस ने इस घटना को संदिग्ध मौत का मामला बताया था, लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने जांच को और गहराई से शुरू कर दिया है। सारण के एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने की जानकारी दी है।

घटना के बाद इलाके में भारी रोष है। सोशल मीडिया पर #सारण_रेपिस्टों_को_फांसी_दो और #JusticeForSaranVictim जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। मुख्य मुद्दा नाबालिग बच्ची के साथ हुई क्रूरता और महिलाओं की असुरक्षा है।

परिजन और स्थानीय लोग त्वरित न्याय, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। यह घटना बिहार में नाबालिगों और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर दोषियों को कड़ी सजा दिलानी होगी, ताकि ऐसी वारदातें दोबारा न हों।

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