रामगढ़, 01 मई: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा हजारीबाग में दो पत्रकारों के साथ की गई मारपीट की घटना का तीखा विरोध करते हुए प्रेस क्लब ऑफ रामगढ़ के पत्रकारों ने शुक्रवार को मंत्री इरफान अंसारी का पुतला फूंका। इस घटना ने पूरे राज्य के पत्रकार समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।
मंगलवार 28 अप्रैल 2026 को हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी हजारीबाग में तीन लोगों की संदिग्ध हत्या की जानकारी लेने के लिए मंगलवार को सुबह पहुंचे थे। इस दौरान News18 झारखंड के पत्रकार सुशांत सोनी और राफ्तार मीडिया के पत्रकार आशीष साव ने मंत्री से चतरा एयर एंबुलेंस हादसे के पीड़ित परिवारों को मुआवजे में हो रही देरी से संबंधित कार्रवाई पर सवाल पूछे।
सवालों से नाराज होकर मंत्री के समर्थकों ने मौके पर ही दोनों पत्रकारों के साथ बदसलूकी, धक्का-मुक्की और जमकर मारपीट कर दी। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमला मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में हुआ, जिसमें एक पत्रकार को घसीटा गया और लात-मुक्के मारे गए। घायल पत्रकार आशीष साव को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
घटना की निंदा करते हुए हजारीबाग प्रेस क्लब के साथ-साथ पूरे झारखंड में पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। रामगढ़ प्रेस क्लब के सभी पत्रकारों ने मंत्री का पुतला फूंककर अपना आक्रोश व्यक्त किया। रांची, जामताड़ा, गिरिडीह और अन्य जिलों में भी काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन किए गए और नारे लगाए गए।
झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन सहित विभिन्न पत्रकार संघों ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से सार्वजनिक माफी की मांग की है। साथ ही दोषी समर्थकों की तत्काल गिरफ्तारी और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग की गई है। कई संगठनों ने 1 मई को आगे के आंदोलन का अल्टीमेटम भी दिया है।
जबकि इरफान अंसारी ने घटना से अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि कोई जानबूझकर मारपीट नहीं हुई, बल्कि भगदड़ में कुछ लोगों को चोटें आईं। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
पत्रकार समुदाय की मांगें:
• मंत्री इरफान अंसारी द्वारा सार्वजनिक माफी
• दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त दंड
• पत्रकार सुरक्षा कानून का शीघ्र लागू होना
• भविष्य में मीडिया कर्मियों के साथ ऐसी घटनाओं की रोकथाम
यह घटना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस ने हजारीबाग सदर थाने में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

