16 फरवरी 2026, बापू पार्क, मंगोलपुरी, दिल्ली
आज सुबह बापू पार्क में हलचल थी। दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में हज़ारों लोग जुटे थे—बुजुर्ग दादा-दादी, मां-बहनें, युवा लड़के-लड़कियां। सबकी आंखों में उत्साह, चेहरे पर मुस्कान। वजह? दिल्ली पुलिस का 79वां स्थापना दिवस। लेकिन ये कोई औपचारिक परेड या भाषण नहीं था। यहां तो पुलिस वर्दी वाले लोग जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे। थाना मंगोलपुरी और थाना राज पार्क की टीम ने ‘स्थापना सप्ताह’ की शुरुआत ऐसी की कि दिल छू गया। 16 से 22 फरवरी तक चलने वाले इस सप्ताह का पहला दिन बन गया सेवा और भाईचारे का उत्सव।
पार्क में तंबू लगे थे, लोग कतारों में खड़े। कोई रक्तदान के लिए, कोई डॉक्टर से बात करने। वर्दीधारी अफसर खुद आगे बढ़कर लोगों से मिल रहे थे, हाथ मिला रहे थे। जैसे परिवार के सदस्य आए हों।
सबसे बड़ा आकर्षण था विशाल रक्तदान शिविर। सूरज की पहली किरण के साथ लोग पहुंचने लगे। पुलिसकर्मी पहले लाइन में खड़े हुए। थाना राज पार्क के SHO वीरेंद्र सिंह ने खुद रक्तदान किया। उनके साथ SHO एम.पी. सिंह (मंगोलपुरी) भी। फिर बारी आई आम लोगों की जैसे कि महिलाएं, युवा, बुजुर्ग आदि सभी ने अपना रक्तदान किया।
रक्तदान के साथ-साथ निशुल्क मेडिकल कैंप भी चलाया गया। डॉक्टरों की टीम मौजूद थी उन्होंने वहां मौजूद लोगों की
बीपी और शुगर की जांच हुई। उन्हें तुरंत रिपोर्ट और दवाइयों की सलाह भी दी गई। कई बुजुर्गों को पता चला कि उनकी शुगर हाई है, डॉक्टर ने तुरंत टिप्स दिए।
सैकड़ों लोगों ने इस कैंप का फायदा उठाया। ये दिखाता है कि दिल्ली पुलिस सिर्फ अपराध नहीं रोकती, बल्कि लोगों की जिंदगी आसान बनाती है
अफसरों ने कहा: “हम आपके साथ हैं, हर कदम पर”
प्रोग्राम के बीच SHO वीरेंद्र सिंह ने सबको संबोधित किया। सरल शब्दों में, दिल से। उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस 79 साल से आपकी रक्षा कर रही है। लेकिन आज हम कहना चाहते हैं—हम सिर्फ रक्षक नहीं, आपके परिवार के सदस्य हैं। बापू पार्क में आज जो भीड़ आई, वो आपकी ही ताकत है।”
SHO एम.पी. सिंह ने जोड़ा, “ये स्थापना सप्ताह सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि वादा है। पूरे दिल्ली में हम जनता के साथ मिलकर काम करेंगे। सुरक्षा के साथ सेवा—ये हमारा मंत्र है।” उनकी बातें सुनकर लोग ताली बजाने लगे।
अगले दिनों में दिल्ली के दूसरे इलाकों में भी ऐसे ही कार्यक्रम होंगे। रैलियां निकलेंगी, मदद के कैंप लगेंगे। ये सप्ताह बताएगा कि पुलिस न सिर्फ कानून की रखवाली करती है, बल्कि दिलों को भी जोड़ती है।

