नई दिल्ली। रोहिणी सेक्टर-20 स्थित रॉयल मार्केट में आज एक भव्य एवं विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में माताओं, बहनों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और सनातन मूल्यों के प्रति गहरी आस्था और एकजुटता का परिचय दिया।
सम्मेलन का शुभारंभ भक्तिमय भजनों के साथ हुआ, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण का संचार हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘झांसी की रानी’ पर आधारित नृत्य-नाटिका रही, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय इतिहास की वीरांगनाओं के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री मान अनिल जी (प्रचारक, उत्तरी विभाग, दिल्ली) ने अपने संबोधन में हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान और सनातन धर्म की शाश्वत प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए ‘पंच परिवर्तन’ — सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य — को अपनाने का आह्वान किया।
सम्मेलन में श्री संजीव जी (विभाग कार्यवाह, उत्तरी विभाग) की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने समाज और संगठन के बीच सशक्त संवाद एवं सहयोग को आवश्यक बताते हुए धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर बल दिया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना, सनातन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, नैतिक मूल्यों को अपनाने और धर्म के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।

