नई दिल्ली, 21 जनवरी: भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदभार ग्रहण करने के पहले दिन ही पार्टी को पूरी तरह एक्शन मोड में ला दिया। 20 जनवरी 2026 को निर्विरोध चुने गए 45 वर्षीय नवीन ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक बुलाई, जो करीब 8 घंटे तक चली। इस लंबी बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों वाले प्रमुख 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी की रणनीति पर गहन चर्चा हुई।
बैठक में राज्य प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महासचिवों से विस्तृत रिपोर्ट ली गई। नितिन नवीन ने बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने तथा विपक्ष की चुनौतियों का मुकाबला करने पर विशेष जोर दिया। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इन राज्यों में ‘मिशन मोड’ में उतरेगी, खासकर पश्चिम बंगाल और केरल जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी पकड़ बढ़ाने की रणनीति पर तेजी से काम होगा। नवीन ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य न सिर्फ बेहतर प्रदर्शन है, बल्कि नए क्षेत्रों में विस्तार भी।
बैठक में SIR प्रक्रिया पर भी विस्तार से बात हुई। नितिन नवीन ने SIR को लेकर मजबूत रुख अपनाते हुए कहा कि यह एक पूरी तरह संवैधानिक और लोकतांत्रिक कदम है, जिसका मकसद मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और सटीक बनाना है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे SIR को राजनीतिक हथियार बनाकर भ्रम फैला रहे हैं। नवीन ने कहा, “SIR फर्जी वोटिंग रोकने और असली मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा का माध्यम है। हम इसे पूर्ण दृढ़ता से लागू करवाएंगे और लोकतंत्र की मजबूती के रूप में पेश करेंगे।”
पद संभालने के पहले दिन ही नितिन नवीन ने कई अहम नियुक्तियां कीं, जैसे केरल विधानसभा चुनाव के लिए विनोद तावड़े को प्रभारी बनाना, ग्रेटर बेंगलुरु कॉर्पोरेशन चुनाव के लिए राम माधव को जिम्मेदारी सौंपना आदि। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ‘मेरा बॉस’ बताते हुए पूर्ण समर्थन दिया, जिससे पार्टी में नया जोश और ऊर्जा का संचार हुआ है।
पार्टी सूत्रों का मानना है कि नितिन नवीन का यह आक्रामक और संगठन-केंद्रित रुख BJP को आगामी चुनावों में नई ताकत देगा। युवा नेतृत्व के साथ पार्टी अब ‘विकसित भारत’ के संकल्प को और मजबूती से आगे बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है।
