वाराणसी, 19 जनवरी 2026: वाराणसी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुई AI-जनरेटेड फर्जी तस्वीरों और वीडियो के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। चौक थाने में कुल 8 अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस नेता जसविंदर कौर सहित 8 लोग शामिल हैं।
ये FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना एवं समूहों में दुश्मनी फैलाना, 298, 299 तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, नवंबर 2025 से एक तमिलनाडु कंपनी द्वारा घाट पर दाह-संस्कार सुविधाओं को मजबूत करने और सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। 16 जनवरी से वायरल सामग्री में दावा किया गया कि मंदिर टूट रहे हैं, अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति क्षतिग्रस्त हुई है और कुंभ महादेव मंदिर नष्ट हो गया है।
एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मौके पर जांच के बाद स्पष्ट किया कि ये तस्वीरें-वीडियो पूरी तरह AI से निर्मित और भ्रामक हैं। कोई मंदिर या मूर्ति क्षतिग्रस्त नहीं हुई; घाट पूरी तरह सुरक्षित है और कार्य केवल सुविधाओं के सुधार के लिए है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे “झूठा प्रोपेगैंडा” करार दिया, जबकि विपक्ष ने FIR को राजनीतिक बदला बताया। संजय सिंह ने कहा, “मंदिर तोड़ने वालों पर कार्रवाई करो, मुझे डराने की कोशिश मत करो।” कांग्रेस ने सरकार पर काशी की विरासत नष्ट करने का आरोप लगाया।
प्रशासन ने अपील की है कि AI-जनरेटेड या अप्रमाणित कंटेंट बिना जांचे साझा न करें, ताकि धार्मिक भावनाएं आहत न हों और सामाजिक सौहार्द बिगड़े नहीं। आरोपियों को 72 घंटे में बयान दर्ज कराने का नोटिस जारी किया गया है।

