पटना, 17 जनवरी 2026: पटना मेट्रो रेल परियोजना ने अब तेजी से रफ्तार पकड़ ली है। शहर के सबसे व्यस्त इलाके पटना जंक्शन के पास जंक्शन गोलंबर क्षेत्र में अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए गहरी खुदाई का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। यह विकास पटना के यात्रियों के लिए बड़ी सौगात है, क्योंकि अब रेलगाड़ी से उतरते ही सीधे मेट्रो में सवार हो सकेंगे, बिना सड़क पार किए या ट्रैफिक जाम में फंसे।
पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अनुसार, यह स्टेशन तीन मंजिला अंडरग्राउंड इंटरचेंज होगा, जहां कॉरिडोर-1 रेड लाइन- दानापुर से खेमनीचक और कॉरिडोर-2 ब्लू लाइन- पटना जंक्शन से न्यू आईएसबीटी आपस में जुड़ेंगे। स्टेशन के पास दो प्रमुख एंट्री-एग्जिट गेट बनाए जाएंगे, साथ ही एस्केलेटर, लिफ्ट, सब-वे और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे शहर के केंद्र में ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार आएगा।
वर्तमान में यूटिलिटी टेस्ट पिट का कार्य चल रहा है, जिसमें भूमिगत यूटिलिटी लाइनों श की जांच और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। एक हफ्ते पहले ही इस क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे थोड़ी ट्रैफिक असुविधा हुई, लेकिन मेट्रो अधिकारियों ने स्पेशल ट्रैफिक मार्शल तैनात कर राहत प्रदान की है।
अधिकारियों के मुताबिक, जून 2026 तक नई टनल बोरिंग मशीन लॉन्च की जाएगी, जिससे बड़े स्तर पर टनल और स्टेशन निर्माण तेज होगा। पूरा अंडरग्राउंड सेक्शन पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
पटना जंक्शन पहले से ही दोनों कॉरिडोरों का महत्वपूर्ण इंटरचेंज पॉइंट है। इस विकास से पटना एक आधुनिक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बन जाएगा, जहां रेल, बस और मेट्रो एक ही जगह से जुड़ सकेंगे।
हालांकि निर्माण के दौरान कुछ असुविधा होगी, लेकिन लंबे समय में यह पटना वासियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। ट्रेन से उतरते ही मेट्रो! यह अब सिर्फ सपना नहीं, हकीकत बनने की ओर अग्रसर है।

