पटना, 16 जनवरी 2026: बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का सख्त असर अब दिखने लगा है। पटना जिले के मसौढ़ी अंचल में तैनात राजस्व कर्मचारी राजा कुमार को दिसंबर 2025 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है, जहां जिलाधिकारी ने राजा कुमार को सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
मामला जमीन के दाखिल-खारिज और परिमार्जन से जुड़ा था। नदौल पंचायत के निवासी रवीश कुमार ने शिकायत की कि राजस्व कर्मचारी राजा कुमार उनके लगभग 11 एकड़ जमीन के कागजात ठीक करने के बदले पहले दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे, जिसे बाद में एक लाख पर फाइनल किया गया। शिकायतकर्ता ने निगरानी विभाग में आवेदन दिया।
शिकायत की सत्यता जाँचने के बाद निगरानी की टीम ने 23 दिसंबर 2025 को मसौढ़ी अंचल कार्यालय के आरटीपीएस कक्ष में जाल बिछाया। जैसे ही राजा कुमार ने रवीश कुमार से एक लाख रुपये नकद लिए, टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पूरे अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी और बिचौलिए फरार हो गए। निगरानी डीएसपी वसीम फिरोज के नेतृत्व में यह कार्रवाई हुई।
यह घटना बिहार में हाल के महीनों में निगरानी विभाग द्वारा की गई कई सफल ट्रैपों में से एक है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के प्रयासों से ऐसे मामलों में तेजी आई है। बर्खास्तगी का फैसला भ्रष्टाचारियों को साफ संदेश देता है कि रिश्वतखोरी अब बर्दाश्त नहीं होगी।

