रांची, 09 जनवरी 2026: झारखंड राज्य चुनाव आयोग ने आगामी नगर निकाय चुनाव 2026 के लिए आरक्षण रोस्टर का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस रोस्टर के तहत विभिन्न नगर निकायों में वार्ड और चेयरपर्सन पदों पर आरक्षण निर्धारित किया गया है, जिसमें अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं। विशेष रूप से रामगढ़ नगर परिषद में चेयरपर्सन की सीट अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए आरक्षित की गई है, जो राज्य में आदिवासी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
झारखंड राज्य चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और विभिन्न जिला प्रशासन की साइटों पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह रोस्टर झारखंड नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप तैयार किया गया है। राज्य में कुल 50 से अधिक नगर निकायों में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत शामिल हैं। आरक्षण रोस्टर में महिलाओं के लिए 50% सीटें आरक्षित हैं, जबकि एसटी, एससी और ओबीसी के लिए जनसंख्या अनुपात के आधार पर आरक्षण निर्धारित किया गया है। रामगढ़ जिले में, जहां औद्योगिक और खनन गतिविधियां प्रमुख हैं, नगर परिषद के चेयरपर्सन पद को एसटी महिला के लिए आरक्षित करने से स्थानीय आदिवासी समुदाय की महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलेगा।
रोस्टर जनगणना 2011 के आंकड़ों और राज्य सरकार की नीतियों पर आधारित है। एसटी बहुल क्षेत्रों में प्राथमिकता दी गई है, जहां रामगढ़ जैसे जिलों में आदिवासी आबादी करीब 20-25% है।
रामगढ़ नगर परिषद में कुल 30 वार्ड हैं। चेयरपर्सन पद एसटी महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड-वाइज आरक्षण में कुछ वार्ड एससी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए भी निर्धारित किए गए हैं, लेकिन विशिष्ट फोकस एसटी महिला सशक्तिकरण पर है। जिला प्रशासन ने वार्ड-वाइज वोटर लिस्ट और महत्वपूर्ण नोटिस भी जारी किए हैं, जिसमें ट्रेनिंग मटेरियल और रिजल्ट संबंधी जानकारी शामिल है।
रांची जिले में भी समान रोस्टर लागू है, जहां फॉर्म 3 (आरक्षण गजट) जारी किया गया है। यहां रिटर्निंग ऑफिसर्स की लिस्ट और वोटर लिस्ट 2026 उपलब्ध हैं। राज्य स्तर पर, पंचायत चुनावों की तरह नगर निकाय चुनावों में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल सक्रिय हैं।
नामांकन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। राज्य चुनाव आयोग ने दावा-आपत्ति की अवधि भी निर्धारित की है, जिसमें कोई भी नागरिक रोस्टर पर सुझाव दे सकता है। चुनाव मार्च-अप्रैल 2026 में होने की उम्मीद है।
झारखंड सरकार के अधिकारियों का कहना है कि यह आरक्षण महिलाओं और पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाएगा, जो राज्य की विकास योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। रामगढ़ जैसे क्षेत्रों में, जहां मां छिन्नमस्तिका मंदिर जैसी सांस्कृतिक धरोहरें हैं, यह निर्णय स्थानीय स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

