पटना, 7 जनवरी 2026: बिहार के सर्राफा व्यापारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर एक सख्त फैसला लिया है। अब राज्य की सभी ज्वेलरी दुकानों में हिजाब, नकाब, बुर्का, घूंघट, हेलमेट या मास्क से चेहरा पूरी तरह ढककर आने वाले ग्राहकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दुकानों के बाहर “NO ENTRY” या “चेहरा ढककर प्रवेश वर्जित” जैसे नोटिस लगाए जा रहे हैं। यह नियम पूरे बिहार में लागू हो चुका है और देश में ऐसा राज्यव्यापी कदम उठाने वाला बिहार पहला राज्य बन गया है।
ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के बिहार अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है। सोने-चांदी की रिकॉर्ड कीमतों के बीच लूट की घटनाएं बढ़ी हैं, जहां अपराधी चेहरा छिपाकर ग्राहक बनकर आते हैं। सीसीटीवी में पहचान कठिन हो जाती है। ग्राहकों से विनम्रता से चेहरा दिखाने का अनुरोध किया जाएगा। यह नियम पुरुषों पर भी लागू है।
पटना के बाकरगंज जैसे बाजारों में नोटिस दिखने लगे हैं। हालांकि, फैसले पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आरजेडी ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया, जबकि जेडीयू और एआईएमआईएम ने भी आलोचना की। व्यापारी इसे शुद्ध सुरक्षा उपाय बता रहे हैं।
यह एसोसिएशन का स्वैच्छिक फैसला है, सरकारी कानून नहीं। आने वाले दिनों में देखना होगा कि यह सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन बना पाता है या विवाद और बढ़ाता है।

