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बडकागांव समाजसेवी निशि पाण्डेय ने किया आत्मसमर्पण, समर्थकों ने बोला राजनैतिक षड्यन्त्र

  • कार्यकर्त्ता हुए मायूस 
  • न्यायालय परिसर को किया गया पुलिस छावनी में तब्दील 
  • कुछ राजनीतिक दल महिलाओं के बढ़ते कदम को रोकने के लिए कर रहे हैं घिनौना षड्यंत्र : रमाशंकर



nishi pandey | Rashtra Samarpan News
निशि पाण्डेय 
जिले की चर्चित और गरीबों
के बीच खासी लोकप्रिय समाजसेवी निशी पांडे शुक्रवार को अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ
स्थानीय व्यवहार न्यायालय पहुंची। समाजसेवी ने पतरातु थाना कांड संख्या
142/18
के मामले में एडीजे टू प्रेमशंकर की अदालत
में आत्मसमर्पण किया।
 
                 प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले
में निशी पांडे के द्वारा
4 जनवरी
2019 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश
की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गयी थी जिसे अदालत के द्वारा खारिज कर दिया
गया था।
25 जनवरी को निशी पांडे ने
अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया मगर उच्च न्यायालय ने भी अग्रिम
जमानत देने से इनकार करते हुए सर्वोच्च न्यायालय जाने की सलाह दी थी। जिसके बाद निशी
पांडे के द्वारा
2 अप्रैल
2019 को सुप्रीम कोर्ट में
जमानत अर्जी दाखिल की गई जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने संबंधित न्यायालय में आत्मसमर्पण
का निर्देश देते हुए खारिज कर दिया। इसी आलोक में शुक्रवार को समाजसेवी के द्वारा आत्मसमर्पण
किया गया।
                 निशी पांडे की आत्मसमर्पण की खबर
प्रशासन को लगते ही पूरे व्यवहार न्यायालय परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया
गया। एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर
, रामगढ़
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विपिन कुमार
, पुलिस लाइन के मेजर मंसू गोप खुद विधि व्यवस्था की कमान संभाले
हुए थे। न्यायालय के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। 
                 अपने सैकड़ों समर्थकों
के साथ व्यवहार न्यायालय पहुंची समाजसेवी निशी पांडे को अदालत ने न्यायिक हिरासत में
जेल भेज दिया। निशी पांडे की ओर से रांची सिविल कोर्ट के प्रसिद्ध अधिवक्ता शंभू अग्रवाल
ने अदालत में उनका पक्ष रखा। अदालत के द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के फैसले
के बाद निशि पांडे के समर्थक मायूस होकर अपने गंतव्य को वापस लौट गए।

क्या कहना है समर्थकों का 

रमाशंकर पाण्डेय —

यह लगभग 1 वर्ष पूर्व का मामला है जहां वह अपने भाई
की शादी में गई थी वहां पर तत्कालीन अधिकारी ने उन पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने
की प्राथमिक दर्ज कर दिया जो बेबुनियाद है तथा एक राजनीतिक षड्यंत्र से प्रेरित है।
आज जहां पूरा भारत महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात कर रहा है वहां कुछ राजनीतिक दल महिलाओं
के बढ़ते कदम को रोकने के लिए घिनौना षड्यंत्र रच रहे हैं
 हमें कानून व्यवस्था पर पूरा
भरोसा है हमारी आम लोगों से अपील है कि बिना विचलित निशि पांडे जी के राजनैतिक दलों
को उनके बढ़ते कदम को देखकर ऐसे घिनौने काम को अंजाम दिया गया है लेकिन हमारे कदम रुकने वाले नहीं हैं और हम और मजबूती के साथ समाज हित में कार्य करते रहेंगे

By Rashtra Samarpan

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