झारखंड मुक्ति मोर्चा के रामगढ़ जिला अध्यक्ष विनोद किस्कु ने छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी सपन कुमार के खिलाफ शनिवार को एससी एसटी थाना में थाना प्रभारी को आवेदन देते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ मुख्य अधिशासी अधिकारी द्वारा जातिसूचक शब्दों के साथ अपमानित किया गया। उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर 8 की जन समस्या को छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी सपन कुमार से अवगत कराने पहुंचे थे । उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से लोगों की आमदनी कम हो गई है इसलिए शहर के लोगों के लिए पानी एवं मकान के टैक्स को माफ किया जाए। साथ ही उन्होंने अन्य कई समस्याओं से मुख्य अधिशासी अधिकारी को अवगत कराया। सपन कुमार के द्वारा आम जनता की समस्या का समाधान करने के बजाए झारखंड मुक्ति मोर्चा रामगढ़ जिला के अध्यक्ष विनोद किस्कू के साथ दुर्व्यवहार किया।
उन्होंने थाना प्रभारी को आवेदन देते हुए कहा कि उपरोक्त घटना जांच पड़ताल कर उचित कार्रवाई की जाए।
क्या कहा मुख्य अधिशासी अधिकारी ने ?
रामगढ़ छावनी परिषद सीईओ सपन कुमार ने झामुमो जिलाध्यक्ष के द्वारा लगाए गए आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मेरे द्वारा किसी का भी ना तो अपमान किया गया है और ना ही किसी तरह का अभद्र भाषा बोला गया है। उन्होंने बताया कि विनोद कुस्कु अपने सहयोगियों के साथ मेरे ऑफिस आए और जब मेरे गार्ड ने उन्हें समझाते हुए कहा कि महामारी को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सिर्फ चार लोग ही अंदर जाएं तो इस पर विनोद किस्कु मेरे गार्ड को धक्का देते हुए अंदर चले आये। मैंने भी उन्हें समझाया लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। मेरे ऊपर लगाये गए आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।

