Mon. Jan 26th, 2026

स्वामी विवेकानंद जी 15 सितम्बर,1893 को शिकागो धर्म संसद में

स्वामी विवेकानंद जी 15 सितम्बर,1893 को शिकागो धर्म संसद में

FB IMG 1538846363328 | Rashtra Samarpan News

हमारे मतभेद का कारण –

मैं आप लोगों को एक छोटी सी कहानी सुनाता हूँ। अभी जिन वाग्मी वक्ता महोदय ने व्याख्यान समाप्त किया है, उनके इस वचन को आप ने सुना है कि ‘आओ, हम लोग एक दूसरे को बुरा कहना बंद कर दें’, और उन्हें इस बात का बड़ा खेद है कि लोगों में सदा इतना मतभेद क्यों रहता है।

परन्तु मैं समझता हूँ कि जो कहानी मैं सुनाने वाला हूँ, उससे आप लोगों को इस मतभेद का कारण स्पष्ट हो जाएगा। एक कुएँ में बहुत समय से एक मेंढ़क रहता था। वह वहीं पैदा हुआ था और वहीं उसका पालन-पोषण हुआ, पर फिर भी वह मेंढ़क छोटा ही था। धीरे-धीरे यह मेंढ़क उसी कुएँ में रहते रहते मोटा और चिकना हो गया। अब एक दिन एक दूसरा मेंढ़क, जो समुद्र में रहता था, वहाँ आया और कुएँ में गिर पड़ा।
“तुम कहाँ से आये हो?”

“मैं समुद्र से आया हूँ।” “समुद्र! भला कितना बड़ा है वह? क्या वह भी इतना ही बड़ा है, जितना मेरा यह कुआँ?” और यह कहते हुए उसने कुएँ में एक किनारे से दूसरे किनारे तक छलाँग मारी। समुद्र वाले मेंढ़क ने कहा, “मेरे मित्र! भला, सुमद्र की तुलना इस छोटे से कुएँ से किस प्रकार कर सकते हो?” तब उस कुएँ वाले मेंढ़क ने दूसरी छलाँग मारी और पूछा, “तो क्या तुम्हारा समुद्र इतना बड़ा हैं?” समुद्र वाले मेंढ़क ने कहा, “तुम कैसी बेवकूफी की बात कर रहे हो! क्या समुद्र की तुलना तुम्हारे कुएँ से हो सकती है?” अब तो कुएँ वाले मेंढ़क ने कहा, “जा, जा! मेरे कुएँ से बढ़कर और कुछ हो ही नहीं सकता। संसार में इससे बड़ा और कुछ नहीं है! झूठा कहीं का? अरे, इसे बाहर निकाल दो।”
यही कठिनाई सदैव रही है।

मैं हिन्दू हूँ। मैं अपने क्षुद्र कुएँ में बैठा यही समझता हूँ कि मेरा कुआँ ही संपूर्ण संसार है। ईसाई भी अपने क्षुद्र कुएँ में बैठे हुए यही समझता है कि सारा संसार उसी के कुएँ में है। और मुसलमान भी अपने क्षुद्र कुएँ में बैठे हुए उसी को सारा ब्रह्माण्ड मानता है। मैं आप अमेरिका वालों को धन्य कहता हूँ, क्योंकि आप हम लोगों के इन छोटे छोटे संसारों की क्षुद्र सीमाओं को तोड़ने का महान् प्रयत्न कर रहे हैं, और मैं आशा करता हूँ कि भविष्य में परमात्मा आपके इस उद्योग में सहायता देकर आपका मनोरथ पूर्ण करेंगे।

By Rashtra Samarpan

राष्ट्र समर्पण एक राष्ट्र हित में समर्पित पत्रकार समूह के द्वारा तैयार किया गया ऑनलाइन न्यूज़ एवं व्यूज पोर्टल है । हमारा प्रयास अपने पाठकों तक हर प्रकार की ख़बरें निष्पक्ष रुप से पहुँचाना है और यह हमारा दायित्व एवं कर्तव्य भी है ।

Related Post

error: Content is protected !!