रांची । रांची में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वाधान में सुरक्षित बचपन सुरक्षित झारखंड के कार्यक्रम का आयोजन हुआ । कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से जिला परिषद के अध्यक्ष शामिल हुए जिप अध्यक्ष ब्रहमदेव महतो रामगढ़,बोकारो जिप अध्यक्ष, धनबाद, गढ़वा, पलामू ,लोहरदगा, गिरिडिह, लातेहार, आदि कई जिलों से जिप अध्यक्ष इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ लुईस मरांडी थे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कौन कौन से कदम उठाए जाने चाहिए इस विषय पर चर्चा किया गया। इस परिचर्चा के दौरान यह बातें सामने आई की जिस देश में बच्चों को भगवान माना जाता है, वहां उनका शोषण होना शर्म की बात है । बच्चों व उनके बचपन को लेकर हमसभी ऐसे वक्त से गुजर रहे हैं।अाज हर कार्यक्रम व अन्य मौकों पर बार-बार कहा जाता है कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं । पर हम इनके लिए करते क्या हैं? दरअसल हवा में उन्मुक्त उड़ते बचपन के पंख हमारा परिवार व समाज ही काट रहा है।धर्मगुरुअों व समाज से अाग्रह किया कि ऐसा करने वालों का धार्मिक व सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस घर-परिवार में अभिभावक बच्चे को दोस्ताना माहौल नहीं दे रहे, वे कीमती चीजें देकर भी बच्चे को अच्छा जीवन नहीं दे रहे । नक्सलियों से अपील की कि बच्चों का इस्तेमाल हिंसा के लिए न हो। माअोवादी,बच्चों के हाथ में बम-बंदूक नहीं किताब व खिलौने दें।
— सतीश सिंह
