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सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में सोलर पावर प्लांट का किया उद्घाटन।

  • व्यवहार न्यायालय में न्यायाधीश अरुण मिश्रा का पारंपरिक तरीके से किया गया स्वागत।

रामगढ़ । पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के सरकारी प्रयासों के लिहाज से शुक्रवार का दिन जिले के लिए खास रहा। व्यवहार न्यायालय परिसर में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अरुण मिश्रा के द्वारा झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस, न्यायाधीश डीएन पटेल, न्यायधीश अमरेश कुमार सिंह, न्यायाधीश हरीश चंद्र मिश्रा, न्यायधीश रत्नाकर भेंगरा सहित जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की गरिमामयी उपस्थिति में सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन किया गया। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अरुण मिश्रा के व्यवहार न्यायालय पहुंचने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नेतृत्व में अन्य न्यायाधीशों सहित जिले की उपायुक्त राजेश्वरी बी, पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी और बार एसोसिएशन के द्वारा उनका बुके देकर और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा अरुण सूर्य का पर्यायवाची शब्द है और अरुण मिश्रा ने अपने नाम के अनुरूप ही न्याय देने का कार्य किया है। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश हरीश चंद्र मिश्रा ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश का स्वागत करते हुए कहा यह तमसो मा ज्योतिर्गमय को चरितार्थ करने जैसा है। उन्होंने कहा खूंटी, साहिबगंज, गढ़वा और सिमडेगा के बाद रामगढ़ पांचवा जिला है जहां न्यायालय परिसर में सोलर पावर प्लांट की स्थापना की गई है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस पटेल ने कहा झारखंड के सभी 24 जिलों के न्यायालय परिसर में सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस ने उपस्थित आगंतुकों को संबोधित करते हुए कहा यह सोलर प्लांट अपने कर्तव्यों के निर्वहन में भी उजाला लाने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा इस सोलर प्लांट से सलाना 120000 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। न्यायालय परिसर के बिजली से संबंधित सारे कार्य इसी सौर ऊर्जा से प्राप्त बिजली से किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने मां छिन्नमस्तिका को प्रणाम कर अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा बड़े भाग्य से ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। न्यायधीश अरुण मिश्रा ने जीवन शैली में प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा न्यायिक प्रक्रिया में व्यवहार न्यायालय सबसे अहम है। न्यायाधीश सत्य का अनुसंधान करते हैं और अधिवक्ता अनुसंधान का अहम हिस्सा हैं। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा आज सुप्रीम कोर्ट में निरर्थक केस पहुंच रहे हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों को साधुवाद दिया। कार्यक्रम में व्यवहार न्यायालय के जज, बार एसोसिएशन के सदस्य, एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर, एसडीपीओ प्रकाश चंद्र महतो, रामगढ़ थाना प्रभारी लीलेश्वर महतो सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और न्यायालय कर्मी उपस्थित थे।

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By Rashtra Samarpan

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