कोल्हान अध्यक्ष शंकर गुप्ता द्वारा दो दिन पहले दैनिक जागरण के मुसाबनी क्षेत्र के पत्रकार सुजीत सरकार के साथ दुर्गापूजा के दिन समाचार संकलन के दौरान हुई मारपीट में ठोस पहल की गई. बताते चलें कि हमारे पत्रकार साथी सुजीत सरकार के साथ कुछ अपराधिक और शरारती तत्वों ने समाचार संकलन के दौरान मारपीट की तथा घायल कर दिया, जिसके बाद सुजीत सरकार ने मुसाबनी थाने में लिखित शिकायत की और मामले को संज्ञान में लेते हुए थानेदार द्वारा गैर जमानतीय धाराएं लगाई गईं.लेकिन उसके अगले दिन ही उन आरोपियों में से एक आरोपी ने जाकर मुसाबनी थाने में उल्टे शिकायतकर्ता पत्रकार साथी के खिलाफ ही लिखित शिकायत दे दी. जिस आरोपी को गिरफ्तार करना था वह आरोपी किस तरह से थाने में जाकर लिखित शिकायत देता है और फिर मुसाबनी थानेदार की मंशा भी समझ आती है कि वह इस मामले में सिर्फ समझौते के प्रयास के लिए ही आरोपियों से शिकायत पत्र ले चुका है.इसकी जानकारी जिले के सभी वरीय पदाधिकारियों को शंकर गुप्ता द्वारा दे दी गई थी.
थानेदार की गैर जिम्मेदाराना हरकत से एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी और क्षेत्र के पत्रकारों की नाराजगी के बाद आज शंकर गुप्ता द्वारा अपने कलम की आवाज को बुलंद करते हुए पत्रकारहित में एक मांगपत्र जिले के पोटका विस क्षेत्र के कार्यक्रम में सीएम तक पहुंचा दिया गया है.कभी पोटका विधायक मेनका सरदार ने ही पत्रकार सुरक्षा कानून विधानसभा सत्र में उठाने की बात ऐसोसिएशन के सदस्यों से की थी और आज तक कुछ नहीं किया.आज उनके ही विस क्षेत्र में मुख्यमंत्री को पत्रकारों ने अपने सम्मान की सुरक्षा के लिए एक कदम बढ़ाया है.हालांकि यह घटना घाटशिला क्षेत्र की है लेकिन मुसीबत की घडी़ में ऐसोसिएशन को छोड़ कोई भी पत्रकारों के समर्थन में नहीं आया.
मांगपत्र सौंपने वालों में आज शंकर के साथ ऐसोसिएशन से जुडे़ सरायकेला खरसंवा जिला अध्यक्ष पत्रकार रविकांत गोप,कोल्हान महासचिव रासबिहारी मंडल,अभीजीत सेन,मुन्ना शर्मा, कलीमुद्दीन,संजय सरदार और ऐसोसिएशन के अन्य सदस्य भी मौजूद थे.अब देखना है कि सीएम पत्रकारहित में क्या करते हैं?👆🏻
पूर्वी सिहंभूम में AISMJW ऐससिएशन द्वारा मुसाबनी थानेदार को हटाने की मांग की गई
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बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले, जिन पर आम नागरिकों के हितों की रक्षा करने की भी ज़िम्मेदारी होती है, आज आम नागरिकों को छोड़ अपने एक ऐसे गैरज़िम्मेदार सदस्य का साथ दे रहें है, जिसने पूरे मोहल्ले वालों को कटघरे में ला खड़ा किया अपने निजी रंजिश मिटाने के लिये, इन तथाकथित पत्रकार सुजीत सरकार के भतीजों को इलेक्ट्रिक सजावट का ठेका नही मिला दुर्गा पूजा समिति की ओर से, इसी कारण पूजा समिति के सदस्यों को निशाना बनाया गया है।
आशा करता हूँ कि AISMJW जैसी एक प्रतिष्ठित संस्था अपने निर्णय पर पुनः विचार करे, और सुजीत सरकार जैसे तथाकथित पत्रकार जो सारे मोहल्ले वालों पर काफी दिनों से "PRESS की Power" का धौंस जताता आया है, उनका साथ ना देकर सच्चाई का साथ दे। ताकि घाटशिला की जनता के सामने प्रेस की निस्पक्षकता की मिसाल बनें।