Tue. Jan 20th, 2026

कुका आंदोलन के संस्थापक : राम सिंह कुका

FB IMG 1543831862075 | Rashtra Samarpan News

राम सिंह कुका

राम सिंह कुका एक सैनिक, धार्मिक नेता और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक प्रमुख योद्धा थे. राम सिंह कुका, कुका आंदोलन के संस्थापक थे. अंग्रेजों के साथ उनकी असहयोग की नीति, मुख्यतः पंजाब में जनता के बीच बेहद लोकप्रिय थी.

राम सिंह कुका का जन्म वर्ष 1816 में पंजाब के लुधियाना जिले के भैनी गाँव में हुआ था. राम सिंह कुका सिख सेना में सैनिक के रूप में शामिल हुए और वहाँ पर वे भाई बालक सिंह से मिलकर काफी प्रभावित हुए. भाई बालक सिंह की मृत्यु के बाद, राम सिंह कुका ने धर्म-प्रचार कार्यों की जिम्मेदारियों को संभाला. राम सिंह कुका ने सिखों के बीच जाति व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उन्होंने अंतरजातीय विवाह और विधवा पुनर्विवाह के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया था.

राम सिंह कुका ने ब्रिटिश शासन का पूर्ण रूप से विरोध किया और उनके खिलाफ गहन असहयोग आंदोलन की शुरुआत की. राम सिंह कुका के नेतृत्व में लोगों ने अंग्रेजी शिक्षा, मिलों में बने कपड़े और बाहर से आए अन्य आयातित सामानों का भी बहिष्कार किया. कुका या नामधारी आंदोलन ने समय के साथ अपनी गति बढ़ा दी थी और ब्रिटिशर्स द्वारा कई कुका स्वतंत्रता सेनानियों को हिंसक रूप से मारने का विरोध किया था. राम सिंह कुका को बंदी बनाकर रंगून भेज दिया गया और उसके बाद उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाकर अंडमान जेल भेज दिया गया.

29 नवंबर 1885 में राम सिंह कुका का निधन हो गया था. राम सिंह कुका की मृत्यु के बाद असहयोग और सविनय अवज्ञा की प्रणाली को बाद में महात्मा गांधी ने अपनाया.

बाबा राम सिंह कुका का उनके अनुयायियों पर इतना गहरा प्रभाव पड़ा था कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनके अनुयायियों ने विश्वास नहीं किया कि वह वास्तव में मर चुके हैं. उनको लगता था कि लोगों का मार्ग दर्शन करने के लिए वह वापस लौट आएंगे.

By Rashtra Samarpan

राष्ट्र समर्पण एक राष्ट्र हित में समर्पित पत्रकार समूह के द्वारा तैयार किया गया ऑनलाइन न्यूज़ एवं व्यूज पोर्टल है । हमारा प्रयास अपने पाठकों तक हर प्रकार की ख़बरें निष्पक्ष रुप से पहुँचाना है और यह हमारा दायित्व एवं कर्तव्य भी है ।

Related Post

एक नजर इधर भी

error: Content is protected !!