Tue. Mar 3rd, 2026

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर दहेज मुक्त झारखंड ने नर्सो का मनोबल बढ़ाया

20200512 212211 compress97 | Rashtra Samarpan News

रामगढ़।  पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है, डॉक्टर और नर्स अपना परिवार छोड़कर अपना जान पर खेलते हुए हमारी सेवा और रक्षा करने में लगे हुए है। उन्हीं नर्सों के सम्मान में दहेज मुक्त झारखंड और राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था के द्वारा विश्व नर्स दिवस के उपलक्ष पर मंगलवार को सीसीएल नईसराय अस्पताल में नर्स दीदियों के साथ केक काटकर उनका मनोबल बढ़ाया। इस मौके पर दहेज मुक्त झारखण्ड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता ने कहा कि नर्स को माँ और बहन का दर्जा दिया गया है, जब हम बीमार पड़ते है तो अस्पताल में नर्स दीदी माँ या बहन बन कर हमारी सेवा करती है। वही मानवाधिकार संस्था के कबीर क्याल ने कहा कि नर्स दीदी भगवान से भी बढ़कर है,हमारे दुःख सुख में सबसे ज्यादा सेवा और मनोबल बढ़ाने का काम करती है, धन्य है नर्स दीदी जो हम सभी का सेवा दिल लगाकर करते रहती है, इन सभी देवियों को मेरा सैलूट।  सभी नर्स दीदी ने संस्था को धन्यवाद भी दिया। वही दहेज मुक्त झारखण्ड के राष्ट्रीय संस्थापक डॉ आनन्द कुमार शाही और राष्ट्रीय अध्यक्ष बिजय प्रसाद ने विश्व के सभी नर्स दीदी को इस महामारी में सबसे बड़ी सुरक्षा कवच बताया है। इस मौके पर संतोष विश्वास,अंकित सिंह,डॉ अनिल कुमार, डॉ अरविंद ठाकुर, डॉ एन. पंडित, डॉ एस आर्य, डॉ मिथलेश पाल, डॉ पी पाल, शुभाष पात्रा, मुकेश कुमार,अनिता बरोई सहित अन्य नर्स उपस्थित रही।

By Rashtra Samarpan

राष्ट्र समर्पण एक राष्ट्र हित में समर्पित पत्रकार समूह के द्वारा तैयार किया गया ऑनलाइन न्यूज़ एवं व्यूज पोर्टल है । हमारा प्रयास अपने पाठकों तक हर प्रकार की ख़बरें निष्पक्ष रुप से पहुँचाना है और यह हमारा दायित्व एवं कर्तव्य भी है ।

Related Post

error: Content is protected !!